Tuesday, August 24, 2010

अनवर्त संघर्ष (CONTINOUS FIGHT)

अनवर्त संघर्ष
युग बदलते है काल बदलते है
मगर जमाने के दस्तूर नही बदलते है
सतयुग में भी कलयुग था और
कलयुग में भी सतयुग है बस
कलयुगी और सतयुगी भावनाओ के अनुपात बदलते है

क्या त्रेता युग में रावण नही था
क्या द्वापर में कंस नही था
राम के अवतार लेने के लिए रावण का
तथा कृष्ण के अवतार के लिए
कंस का होना जरूरी है

न कभी सतयुग पूरी तरह खत्म हुआ
न कभी कलयुग पूरी तरह खत्म होगा
यह दोनों हमेशा मौजूद रहे है हमेशा रहेंगे
इन दोनों में यह अनवरत संघर्ष
हमेशा से चलता आया है हमेशा चलता रहेगा

लाना चाहते हो सतयुग तो
कर लो खुद को समर्थ इतना कि
कलयुग तुम्हारा कुछ बिगाड़ न पाए
हो जायेगा जिस दिन ऐसा
तुम्हारा सतयुग उस दिन ही  आ जायेगा II

लेखक  प्रवीन चन्द्र झांझी 

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